Posts

दिल की गहराई 🥲🥹

  कभी ना कभी वो दिन आयेगा   उसने    चुराया था जो मेरा शुकून वो छिन जाएगा  मत रोक मुझे मेरे हालातों से लड़ने पर  वरना कैसे सँभालूँगा मैं मेरे हालातों के बिगड़ने पर  आँखों में ग़म लबों पर हँसी लिए बैठे हैं  इश्क़ में अजीब सी ये    बेबसी लिए बैठे हैं  एक वो ही तो था जिसकी नज़रों से हम घायल हुए हैं  छोड़ कर बाक़ी सबको एक उसी के हम क़ायल हुए हैं  ये दिल आज भी उसके इंतेज़ार में पागल है  हासिल कुछ भी ना हुआ मगर फिर भी ये उसके प्यार में पागल है तू ही बता की ये मेरे किस काम की हैं  दिल धड़कनें भी तो तेरे नाम की हैं  लिखने पर हमको हालातों ने मजबूर कर दिया  टूटीं जब नींदें तो रातों ने मजबूर कर दिया  हमने तो हमारी हारी है  अब ये बाजी तुम्हारी है  वो तोड़ती रही मेरी उम्मीदें और मैंने उससे कोई जवाब नहीं लिया  खता ये थी मेरी की उसकी इस खता का उससे कोई हिसाब नहीं लिया  वो जो मेरी खिलाफत में था मैं उसकी ही तरफ़दारी करता रहा  उसकी ख़ातिर मैं अपनी ही ख्वाहिशों की गिरफ़्तारी करता रहा  साम...