" क्या हूँ मैं और कैसा हूँ मैं आखिर ये तहकीकात क्यों करनी है... "

lyrics

तहक़ीक़ात 



क्या तेरी बातें छानूँ मैं

क्या तुझको न पहचानूँ मैं

कहीं भूल गई क्या मुझको तू

हाँ, तेरा हूँ बता दूँ मैं


क्या तेरी बातें छानूँ मैं

क्या तुझको न पहचानूँ मैं

कहीं भूल गई क्या मुझको तू

हाँ, तेरा हूँ बता दूँ मैं


क्या भरम है तू मेरा, मानूं ये

मेरा दिल कहता है, तुझे पालूँ मैं

तेरे इश्क़ में खुद को लुटा दूँ मैं


इक तू है कि कुछ समझे नहीं

यहाँ कैसे खुद को संभालूँ मैं

दफ़न हैं कितनी चीख़ें दिल में

दिल कहता है कि निकालूँ मैं


समझे न तू बातें मेरी

कैसे भेद ये निकालूँ मैं

तू समझे दिल की बातें जो

तुझे हाल ऐ दिल समझा दूँ मैं


तू हाथ तो रख मेरे दिल पर यूँ

मेरे दिल में क्या है बता दूँ मैं

हैं झील सी गहरी हैं आँखें तेरी

आँखों में डूब न जाऊँ मैं

इन आँखों में डूब न जाऊँ मैं


क्या क्या कहती तू इशारों में

क्या तेरी बातें छानूँ मैं


क्या भरम है तू मेरा, मानूं ये

मेरा दिल कहता है, तुझे पालूँ मैं

तेरे इश्क़ में खुद को लुटा दूँ मैं


इक तू है कि कुछ समझे नहीं

यहाँ कैसे खुद को संभालूँ मैं

दफ़न हैं कितनी चीख़ें दिल में

दिल कहता है निकालूँ मैं


हाँ, समझे न तू बातें मेरी

कैसे भेद ये निकालूँ मैं

तू समझे दिल की बातें जो

तुझे हाल ऐ दिल समझा दूँ मैं


तू हाथ तो रख मेरे दिल पर यूँ

मेरे दिल में क्या है बता दूँ मैं

झील सी गहरी हैं आँखें तेरी

आँखों में डूब न जाऊँ मैं

इन आँखों में डूब न जाऊँ मैं


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