" क्या हूँ मैं और कैसा हूँ मैं आखिर ये तहकीकात क्यों करनी है, तुम्हारी समझ से बुरा ही हूँ अगर तो मुझसे बात क्यों करनी है "

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शायराना अंदाज़

 


इश्क़ में शिकस्त कोई खाया हुआ हो

या यूँ समझो की इश्क़ में कोई सताया हुआ हो

क्या उसका कोई वजूद नहीं जो इश्क़ में ठुकराया हुआ हो


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उससे बिछड़ने की कोई ख़ास वजह नहीं थी

ख़ुद मैं ही लौट आया हूँ उसके दिल से

जो उतनी वहाँ पर जगह नहीं थी


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आ गए हम भी इश्क़ में हार कर

कर्ज़ उनकी ख्वाहिशों का उतार कर

अपने ही हाथों से अपने ख्वाब उजाड़ कर


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कितनी सिफ़ारिश की थी तब उसने बारिश की थी

कैसे कहूँ कि हमदर्द है वो खुदा

जिसने मेरे ख़िलाफ़ इतनी साज़िश की थी


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पूरा शहर ही तेरे नाम हो चुका है

किससे करूँ मैं शिकायत तेरी

ये शहर जो तेरा ग़ुलाम हो चुका है


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लाख नाराज़गी है उसको मुझसे

फिर भी वो मुझमें आज भी मौजूद रहती है

ढूँढ सको तो ढूँढ लेना उसे


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हर पल मुझे तेरी कमी महसूस हो रही है

यही वो वजह है जो आँखों में नमी महसूस हो रही है

सहमी हुई हैं ये धड़कनें और ये साँसें मायूस हो रही हैं


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दिल में बेहद ग़म भरे हुए हैं

हाल-ए-दिल बताने से डरता हूँ मैं

जो ज़माने में बेहद बेरहम भरे हुए हैं


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आँखों में आँखें डाल कर मैंने पूछा था उससे

बता क्या है… हर बात पर मेरी यूँ खामोश है क्यों

मुझे भी बता ना… मेरी खता क्या है


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ग़ैरों की अमानत थी वो जो दो पल की ख़ुशी मिली थी

आख़िरकार उसे मोड़ कर आना था

और वो यादें जो दो पल थी साथ मेरे उसे भी यार छोड़ कर आना था


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आ गए हम भी इश्क में हार कर

कर्ज़ उनकी ख्वाहिशों का उतार कर

और अपने ख्वाबों को इन्हीं हाथों से उजाड़ कर


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सीख रहा हूँ अभी कि कैसे प्यार किया जाता है

करके गुमराह दिल को कैसे इस झूठ का कारोबार किया जाता है


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कोई मेरी बातों में उलझ गया

किसी को महसूस हो गई उनकी गहरायी

तो वो मेरी बातों को समझ गया


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बेगुनाह है वो ये उसका क़सूर नहीं हो सकता

मेरे दिल के इतना क़रीब है वो की दूर नहीं हो सकता

इश्क़ में देखी है मैंने शिद्दत उसकी वो मजबूर नहीं वो सकता


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वो कहता है कि सब समझता है

खुदको वो रब समझता है

मायूसी मेरी आँखों की और मेरी खामोशियों का मतलब समझता है


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मन का कोहरा घना है माहौल बारिशों का बना है

नमीं सी थमीं है कहीं ना कहीं इन पलकों पर

किन शब्दों में कहूँ मैं खामोशियाँ जब कहना मना है


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Fanindra Bhardwaj, born on October 20, 2000, is an immensely talented and versatile artist hailing from Jaipur, Rajasthan. Coming from a middle-class family, Fanindra has made a name for himself as an independent singer, songwriter, music producer, and composer.

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